पटना न्यूज डेस्क: जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां अराइवल एरिया स्थित बेबी केयर रूम में दो सीसीटीवी कैमरे लगे होने का खुलासा हुआ। इस घटना ने महिला यात्रियों की निजता और सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब मोतिहारी निवासी एक भारतीय सेना के मेजर अपनी पत्नी और बच्चे के साथ इंडिगो की फ्लाइट से पटना पहुंचे। उनकी पत्नी जब शिशु को स्तनपान कराने के लिए बेबी केयर रूम में गईं, तो वहां छत पर लगे दो कैमरे देखकर चौंक गईं। उन्होंने तुरंत बाहर आकर इसकी जानकारी दी, जिसके बाद मेजर ने मौके पर CISF कर्मियों और स्टाफ को बुलाकर शिकायत दर्ज कराई।
जांच में सामने आया कि कमरे में गोपनीयता के बुनियादी इंतजाम भी नहीं थे। वहां केवल कुछ कुर्सियां, एक टेबल और वॉशरूम था, लेकिन फीडिंग के लिए अलग से कोई पर्दा या केबिन नहीं था। ऐसे में खुले कमरे में कैमरों की मौजूदगी ने लापरवाही को और गंभीर बना दिया।
एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से सफाई दी गई कि चुनाव के दौरान इस कमरे को डिटेंशन रूम के रूप में इस्तेमाल किया गया था और उसी समय कैमरे लगाए गए थे, जो अब निष्क्रिय हैं। हालांकि, नियमों के अनुसार फीडिंग रूम या टॉयलेट जैसे निजी स्थानों में कैमरा लगाना पूरी तरह अवैध है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि कैमरे बंद थे, तो उन्हें हटाया क्यों नहीं गया।
नियमों के मुताबिक, बेबी केयर रूम जैसे स्थान पूरी तरह निजी माने जाते हैं और यहां कैमरे लगाना गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन है। सुरक्षा के लिए केवल बाहर कैमरे लगाए जा सकते हैं, अंदर नहीं। इस घटना के बाद यात्रियों ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की मांग की है।