पटना न्यूज डेस्क: मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में बड़ी राहत मिली है। करीब चार महीने जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही उन्होंने खुद को बेगुनाह बताते हुए पूरे मामले को साजिश करार दिया।
पटना हाई कोर्ट ने 19 मार्च को उन्हें जमानत दी थी, जिसके बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर बेऊर जेल से उनकी रिहाई हुई। रिहाई के दौरान उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला और जेल के बाहर जश्न जैसा माहौल बन गया।
बाहर निकलते ही अनंत सिंह ने कहा कि घटना के समय वे घटनास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर थे। उन्होंने दोहराया कि उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया गया है और वे पूरी तरह निर्दोष हैं।
रिहाई के बाद वे बाढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने कहा कि वे आगे भी जनता की सेवा में जुटे रहेंगे। इस दौरान खुसरूपुर के बढ़ईया स्थित महारानी स्थान पर पूजा-अर्चना करने की भी बात कही। रास्ते भर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
मोकामा पहुंचने पर उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे। समर्थकों ने आतिशबाजी कर खुशी जताई और उनका जोरदार स्वागत किया। चार महीने बाद मिली इस राहत से समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
इस मामले में जमानत मिलने के बाद बिहार की सियासत भी गरमा गई है। अनंत सिंह के बयान के बाद अब इस केस से जुड़ी कानूनी और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर बनी हुई है।