2026-27 में शिक्षा पर विशेष फोकस, हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल और नए डिग्री कॉलेज खोलने की तैयारी
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर देगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में बताया कि स्कूलों और कॉलेजों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने, शिक्षकों की नियुक्ति और छात्र कल्याण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर सरकार का फोकस रहेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोलने के लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही जिन 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां नए कॉलेज स्थापित किए जाएंगे और 31 मौजूदा कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल सरकार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत एक एजुकेशन सिटी स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है।
शिक्षा विभाग के लिए 2026-27 में 60,204.60 करोड़ रुपये तथा उच्च शिक्षा के लिए 8,012.34 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो राज्य के कुल 3.47 लाख करोड़ रुपये के बजट का लगभग 20 प्रतिशत है। मंत्री ने बताया कि अब तक 2.60 लाख शिक्षकों (प्रधानाध्यापक व प्राचार्य सहित) की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा Bihar Public Service Commission के माध्यम से टीआरई-4 के तहत 45,198 और शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वर्तमान में कुल शिक्षकों में 44 प्रतिशत महिलाएं हैं।
छात्र हित में कक्षा 1 से 12 तक की छात्रवृत्ति राशि दोगुनी कर दी गई है। वर्ष 2024-25 में 846 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर किए गए। लगभग 1.03 करोड़ विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन योजना के तहत पौष्टिक आहार दिया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता की निगरानी थर्ड पार्टी से कराई जा रही है। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत 13,765.96 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।