पटना न्यूज डेस्क: पटना के 26 वर्षीय यशस्वी राज वर्धन ने प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार सफलता हासिल करते हुए 11वीं रैंक प्राप्त की है। शुक्रवार को घोषित हुए परिणामों के साथ ही उनकी इस उपलब्धि ने पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है। खास बात यह है कि यशस्वी ने एक सफल कॉर्पोरेट करियर को पीछे छोड़कर सिविल सेवा की राह चुनी और अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया।
यशस्वी इससे पहले नोएडा में बहुराष्ट्रीय बैंक बार्कलेज में लीड एनालिस्ट और असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे। उनके पिता रजनीश कुमार सिंह बिहार में सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां नीलिमा सिंह गृहिणी हैं। यशस्वी अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं।
यशस्वी ने वर्ष 2021 में दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने बार्कलेज में सीनियर एनालिस्ट के रूप में नौकरी शुरू की। नौकरी के दौरान ही उन्होंने 2024 में पहली बार सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
इसके बाद उन्होंने सितंबर 2024 में नौकरी छोड़कर पूरी तरह से यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया। यशस्वी ने बताया कि उन्होंने अधिकतर तैयारी स्वयं अध्ययन के माध्यम से की और केवल कुछ ऑनलाइन सत्रों की मदद ली, किसी औपचारिक कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था। उनकी शुरुआती पढ़ाई पटना के दिल्ली पब्लिक स्कूल से हुई, इसके बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए वह दिल्ली के मॉडर्न स्कूल चले गए।