पटना न्यूज डेस्क: पटना स्थित पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी ने ग्रामीण इलाकों में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से पटना और नालंदा जिलों के प्रखंड स्तर पर 16 नए डिग्री कॉलेज खोलने की योजना बनाई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांवों के छात्रों, खासकर लड़कियों, को उच्च शिक्षा के लिए शहरों तक लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से राहत देना है।
विश्वविद्यालय के कुलपति उपेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि प्रस्तावित कॉलेजों में से नौ नालंदा जिले में और सात पटना जिले में स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार के उन निर्देशों के अनुरूप लिया गया है, जिनका मकसद पिछड़े और कम सुविधाओं वाले क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के ढांचे को मजबूत करना है।
योजना के तहत इन कॉलेजों में कुल 16 विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। हालांकि, जुलाई 2026 से शुरू होने वाले पहले चरण में इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी और अर्थशास्त्र जैसे छह मुख्य विषयों से कक्षाएं शुरू की जाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि धीरे-धीरे अन्य विषयों को भी जोड़ा जाएगा।
विश्वविद्यालय के डीन छात्र कल्याण राजीव रंजन के अनुसार प्रत्येक कॉलेज के संचालन के लिए एक प्राचार्य, 32 शिक्षक और 12 गैर-शिक्षण कर्मचारियों की जरूरत होगी। शुरुआती दौर में पढ़ाई की व्यवस्था गेस्ट फैकल्टी के माध्यम से की जाएगी, जब तक स्थायी नियुक्तियां नहीं हो जातीं। फिलहाल इन कॉलेजों को प्रखंड स्तर के इंटरमीडिएट स्कूल भवनों में शुरू करने की योजना है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां बिना देरी शुरू हो सकें।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार उच्च शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भर्ती की भी तैयारी कर रही है। आने वाले वर्षों में करीब 7,000 सहायक प्राध्यापकों और लगभग 2,000 गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति की संभावना है, जिससे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विस्तार को बल मिलेगा।
फिलहाल पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के अंतर्गत पटना और नालंदा जिलों में 26 अंगीभूत कॉलेज और 55 संबद्ध बीएड कॉलेज संचालित हो रहे हैं। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अबू बकर ने कहा कि प्रखंड स्तर पर नए कॉलेज खुलने से उच्च शिक्षा में नामांकन दर बढ़ेगी और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही इन प्रस्तावित कॉलेजों में डिग्री स्तर के व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की भी योजना बनाई जा रही है।