पटना न्यूज डेस्क: बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की चार सीटों में से तीन पर हार के बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने समीक्षा बैठक की। पटना स्थित पार्टी कार्यालय में हुई इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार शामिल नहीं हुए।
प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में चुनाव के नतीजों और पार्टी की हार के कारणों पर चर्चा की गई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि एमएलसी चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करने वाले छोटे-बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। चुनाव में जीतने और हारने वाले उम्मीदवारों के साथ-साथ उन जिलों के जिलाध्यक्षों को भी बैठक में बुलाया गया था, जहां मतदान हुआ था।
विधान परिषद की चार सीटों में से जेडीयू को सिर्फ पटना स्नातक सीट पर जीत मिली, जबकि बाकी तीन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। बैठक में हार की वजहों, संगठन की कमजोरियों और चुनाव के दौरान नेताओं की भूमिका पर विचार किया गया। वहीं, बैठक से पहले बीजेपी के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उमेश कुशवाहा ने कहा, "बीजेपी से हमारा गठजोड़ फेविकोल की तरह है।"