पटना न्यूज डेस्क: मानसून के बीच नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। जगह-जगह कूड़ा जमा होने लगा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। बारिश के मौसम में गंदगी बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि बारिश के दौरान जमा कचरे से मच्छरों और मक्खियों का प्रजनन तेजी से होता है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करना, आउटसोर्स व्यवस्था खत्म कर आउटसोर्स कर्मचारियों को नगर निगम में समायोजित करना और एसीपी (ACP) तथा एमएसीपी (MACP) के लाभ फिर से लागू करना शामिल है।
कर्मचारी पिछले करीब एक महीने से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे थे। 30 जून से 25 जुलाई तक धरना-प्रदर्शन किया गया। 28 जुलाई को नगर विकास एवं आवास मंत्री के साथ हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके बाद 29 जुलाई को कर्मचारियों ने मशाल जुलूस निकाला और अब अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
इससे पहले 23 जून को भी सफाई कर्मचारियों ने वेतन में देरी के विरोध में आंदोलन किया था। उस समय ठेकेदार मौर्यन कार्ट्स ने 25 जून तक बकाया वेतन और जुलाई में बढ़े हुए वेतन का एरियर देने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद कर्मचारी काम पर लौट आए थे।
अब दोबारा शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था और बिगड़ने की आशंका है। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो लोगों को गंदगी और उससे फैलने वाली बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।