पटना न्यूज डेस्क: पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आया छह साल का आदित्य कुमार एक बार फिर सुर्खियों में है। डेनिम जींस और लाल टी-शर्ट पहने आदित्य का एक वीडियो इंटरव्यू सामने आया है, जिसमें उसने पुलिस द्वारा उसे और उसके परिवार को कथित तौर पर परेशान किए जाने की बात कही। मंगलवार को बीपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस उसे डाक बंगला चौराहे से अपने साथ ले गई थी।
आदित्य ने इंटरव्यू में दावा किया कि पुलिस उसे कोतवाली थाने ले गई और आंदोलन में दोबारा आने पर जेल भेजने और मारने की धमकी दी। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके माता-पिता के साथ मारपीट की गई। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि बच्चे को उसकी सुरक्षा के लिए थाने ले जाया गया था और करीब पांच घंटे बाद उसकी मां को सौंप दिया गया।
पटना में छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का प्रदर्शन 18 अगस्त से जारी है। अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, जिसमें 70वीं बीपीएससी परीक्षा भी शामिल है, को लेकर विरोध कर रहे हैं। 25 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने गांधी मैदान से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास की ओर मार्च किया था। डाक बंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद पुलिस ने वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बेबाकी से बात करने के कारण आदित्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। जब उससे पूछा गया कि वह बड़ा होकर क्या बनना चाहता है, तो उसने साफ कहा कि वह किसी भी हालत में पुलिस अधिकारी नहीं बनेगा। उसने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में केस दर्ज करने का आरोप भी लगाया। आदित्य ने यह भी बताया कि एक पुलिसकर्मी ने उसे चॉकलेट देने की कोशिश की थी, लेकिन उसने यह कहते हुए लेने से मना कर दिया कि जिस पुलिस ने उसके माता-पिता को हिरासत में लिया, उससे वह चॉकलेट कैसे ले सकता है। सोशल मीडिया पर कई लोग उसे प्रदर्शन का 'हीरो' बता रहे हैं।