पटना न्यूज डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में लगातार गिर रहे पुलों और इससे जुड़े भ्रष्टाचार की जांच की मांग वाली याचिका को पटना हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया है। कोर्ट ने हाईकोर्ट को इस मामले की त्वरित सुनवाई करने का निर्देश दिया है। अब 14 मई को पटना हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई करेगा। सीजेआई संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि इस केस से जुड़ी सभी फाइलें तीन सप्ताह के भीतर पटना हाईकोर्ट भेजी जाएं।
यह याचिका बिहार के अधिवक्ता ब्रजेश सिंह ने दायर की थी, जिसमें बिहार सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी कि राज्य में सभी पुराने और निर्माणाधीन पुलों का ऑडिट कराया जाए। उन्होंने दलील दी कि कमजोर पुलों को या तो गिराकर दोबारा बनाया जाए या फिर उनकी मरम्मत की जाए। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में बिहार में कई छोटे-बड़े पुल ढह चुके हैं, जिनमें तीन प्रमुख निर्माणाधीन पुल भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि 2024 में जून से दिसंबर के बीच बिहार के कई जिलों—वैशाली, अररिया और सुपौल समेत अन्य इलाकों में पुल गिरने की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं के चलते बिहार सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पटना हाईकोर्ट इस मामले में तेजी से सुनवाई करेगा, जिससे भ्रष्टाचार और लापरवाही की परतें खुलने की उम्मीद की जा रही है।