पटना न्यूज डेस्क: बिहार में 8 से 10 जून के बीच मानसून की शुरुआत के साथ ही पटना में भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है। शहर में इस बार जलजमाव की स्थिति गंभीर हो सकती है, क्योंकि कई प्रमुख सड़कों पर खुदाई और नाला निर्माण कार्य अभी भी अधूरे हैं। इससे बारिश के दौरान पानी निकासी की व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने मानसून से पहले सभी निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पटना नगर निगम क्षेत्र में कई एजेंसियों द्वारा सड़क और नाला निर्माण का कार्य किया जा रहा है, लेकिन नालों को आपस में जोड़ने और सड़क मरम्मत का काम अब भी अधूरा है।
पटना की मेयर सीता साहू ने भी विभाग को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो शहर में व्यापक जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा है कि कई स्थानों पर सड़कें खोदी गई हैं, लेकिन उन्हें ठीक नहीं किया गया है और नालों की कनेक्टिविटी भी पूरी नहीं है, जिससे दुर्घटनाओं और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
वहीं प्रशासनिक स्तर पर पंपिंग सिस्टम, ड्रेनेज नेटवर्क और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के दावे किए जा रहे हैं। नगर निगम ने 83 संभावित जलजमाव वाले क्षेत्रों की पहचान की है और वहां पंप सेट व अन्य व्यवस्था की गई है। हालांकि 2025 की तुलना में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द काम पूरा नहीं हुआ तो इस बार मानसून पटना के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।