पटना न्यूज डेस्क: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में पटना में हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्ष ने एक-दूसरे पर प्रदर्शन को लेकर तीखे आरोप लगाए, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित रही।
विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही एनडीए के कई विधायक अपनी सीटों से खड़े हो गए और बुधवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराने लगे। कुछ विधायक वेल में पहुंच गए, जिसके बाद स्पीकर प्रेम कुमार ने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
एनडीए विधायकों का आरोप था कि प्रदर्शन में छात्र नहीं बल्कि असामाजिक तत्व शामिल थे। बुधवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में कम से कम 22 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। प्रदर्शन मुख्यमंत्री आवास के पास तक पहुंच गया था। इस दौरान भाजपा के विधायक विनय बिहारी और रोहित पांडेय पर भी हमला हुआ और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई।
विपक्ष की ओर से राजद विधायक आलोक मेहता ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के विधायक सदन में भी आक्रामक व्यवहार कर रहे थे और विपक्षी विधायकों को अपनी सुरक्षा की चिंता करनी पड़ी। वहीं, मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि विपक्ष अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है और प्रदर्शन की आड़ में असामाजिक तत्वों ने पुलिस, पत्रकारों और विधायकों पर हमला किया।
रामकृपाल यादव ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान एक महिला कांस्टेबल पर चाकू से हमला किया गया। हालांकि, पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने कहा कि इस दावे की जांच की जा रही है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
सीपीआई (माले) विधायक संदीप सौरव, जिन्होंने प्रदर्शन का नेतृत्व किया था, ने एनडीए के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
उधर, विधान परिषद में भी इसी मुद्दे पर विपक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव लाए जाने के बाद हंगामा हुआ। सभापति द्वारा प्रस्ताव खारिज किए जाने पर विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए, जिसके बाद परिषद की कार्यवाही भी दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित कर दी गई।
बाद में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बुधवार की हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के उकसावे पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी हमला किया गया। वहीं, राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि राज्य में युवाओं का गुस्सा बढ़ रहा है और सरकार को उनकी समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।