पटना न्यूज डेस्क: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पटना में 'नीट' (NEET) पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में विरोध मार्च निकालते समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राजद कार्यकर्ताओं के साथ जेपी गोलंबर से लोक भवन की ओर मार्च कर रहे तेजस्वी को पुलिस ने आयकर (Income Tax) चौराहे के पास हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बैठा लिया। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने तेजस्वी यादव को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा वाटर कैनन (पानी की बौछार) का उपयोग किया गया, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इशारे पर की जा रही है। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू नहीं होती और पेपर लीक पर रोक नहीं लगती, तब तक उनकी पार्टी का यह आंदोलन और संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, राजद सांसद मनोज झा और विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि यह मार्च बिहार के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के उद्देश्य से निकाला जा रहा था।
मार्च के बीच ही पुलिस सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को राज्यपाल से मिलने की अनुमति दी जाएगी। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राजद के इस प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए इसे तेजस्वी यादव का "राजनीतिक करियर बचाने का मार्च" करार दिया और कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे का पहले ही समाधान कर चुकी है।
यह विरोध प्रदर्शन सीवान में हाल ही में हुए हिंसक छात्र आंदोलन और वहां एक पुलिसकर्मी द्वारा हवा में एके-47 राइफल से की गई फायरिंग की पृष्ठभूमि में हुआ है। उस घटना के बाद सीवान एसपी पूरण कुमार झा का तबादला कर दिया गया था और संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित किया जा चुका है। छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बिहार में राजनीतिक सरगर्मी और पुलिसिया सतर्कता दोनों काफी बढ़ गई हैं।