पटना न्यूज डेस्क: पटना में गुरुवार को महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, आरजेडी सांसद मीसा भारती और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।
महागठबंधन का यह प्रदर्शन SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर था। प्रदर्शनकारियों को लोक भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की थी। मार्च के दौरान तेजस्वी यादव एक बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ उनकी धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद उन्हें मीसा भारती और मुकेश सहनी के साथ हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष की मुख्य मांग निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती पर भी सवाल उठाया। तेजस्वी ने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया से बड़ी संख्या में मतदाता प्रभावित हुए हैं और विपक्ष इस मुद्दे को लगातार चुनाव आयोग के सामने उठा रहा है। वहीं, हंगामे के दौरान कुछ महागठबंधन नेताओं के एसडीपीओ की गाड़ी पर चढ़ने की बात भी सामने आई। मुकेश सहनी ने दावा किया कि इस दौरान उनकी उंगली में चोट लगी, जबकि इंडिया इनक्लूसिव पार्टी के नेता आई.पी. गुप्ता ने पुलिस की लाठी पेट में लगने का आरोप लगाया। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शन को देखते हुए पटना प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कई जगह बैरिकेड लगाए गए थे और वाटर कैनन की गाड़ियां भी तैयार रखी गई थीं। लोक भवन की ओर जाने वाले संवेदनशील रास्तों पर बिहार पुलिस की भारी तैनाती के साथ मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरा बनाया गया था। हिरासत में लिए गए नेताओं को बाद में लोक भवन ले जाया गया, जहां महागठबंधन का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने वाला था।