पटना न्यूज डेस्क: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को छात्रों के राजभवन मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च निकाल रहे थे। पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक वापस लौटने की अपील की, लेकिन छात्र आगे बढ़ने पर अड़े रहे। बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र मौके पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
करीब 20 मिनट बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। वहां भी पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और हालात पर लगातार नजर रखी गई।
प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर बोतलें और चप्पलें फेंके जाने की भी सूचना है। वहीं, पटना आईजी की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हमला कर उसके शीशे तोड़ दिए गए। इसके बाद अधिकारियों ने उपद्रवियों को हिरासत में लेने के निर्देश दिए।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि वे केवल NEET ही नहीं, बल्कि बिहार की अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, TRE-4 की अधिसूचना और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।