पटना न्यूज डेस्क: बिहार के भोजपुर जिले में 30 वर्षीय सनोज कुमार के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला अब गंभीर कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। परिवार का आरोप है कि 13 अगस्त 2025 को बिहिया के धरहरा महादलित बस्ती से उत्पाद (आबकारी) विभाग की टीम ने सनोज को हिरासत में लिया था। इसके बाद सनोज ने अपने भाई को दो बार फोन कर बताया कि उसे पकड़ा गया है, उससे पैसे की मांग की जा रही है और पुलिसकर्मी उसकी पिटाई कर रहे हैं। दूसरे कॉल के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल सका। परिवार ने थाने से लेकर मानवाधिकार आयोग, भोजपुर एसपी और बिहार के डीजीपी तक गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। भोजपुर पुलिस ने बताया कि जिस आबकारी टीम पर सनोज को उठाने का आरोप है, उसके दो एएसआई समेत छह पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। अदालत के निर्देश पर सभी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सनोज को कब, कहां और किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया था तथा उसके बाद उसके साथ क्या हुआ। परिवार का कहना है कि पहले विभाग ने सनोज को पकड़ने से इनकार किया, बाद में दावा किया कि वह चलती गाड़ी से कूदकर फरार हो गया। वहीं, घटना के करीब दस दिन बाद सनोज का एक मोबाइल आबकारी विभाग की ओर से पुलिस को सौंपा गया, जबकि दूसरा मोबाइल अब तक बरामद नहीं हुआ है।
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद लगातार उन्हें समझौते के लिए दबाव डाला गया और दो से पांच लाख रुपये तक देने की पेशकश भी की गई, लेकिन परिवार ने इसे ठुकरा दिया। सनोज की पत्नी सुभी कुमारी उस समय तीन महीने की गर्भवती थीं। पति के लापता होने के सदमे का असर उनकी सेहत पर पड़ा और जन्म के कुछ समय बाद ही नवजात की मौत हो गई। परिवार का कहना है कि इस घटना ने पूरे घर को तोड़कर रख दिया है और अब उनकी एकमात्र मांग है कि यदि सनोज जीवित है तो उसे सुरक्षित वापस लाया जाए, अन्यथा सच्चाई सामने लाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।