पटना न्यूज डेस्क: बिहार की राजनीति के लिए गुरुवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दोपहर 12:10 बजे आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में राज्यपाल नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के मद्देनजर पूरे पटना को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
यह कैबिनेट विस्तार 14 अप्रैल को नीतीश कुमार के इस्तीफे और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद हो रहा है, जो बिहार एनडीए में एक बड़े शक्ति परिवर्तन का संकेत है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को इस नई कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इस समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहले ही पटना पहुंच चुके हैं, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भी पहुंचने की संभावना है।
मंत्रिमंडल के नामों को अंतिम रूप देने के लिए एनडीए के शीर्ष नेतृत्व और सहयोगी दलों, जैसे ललन सिंह, जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विधानसभा चुनावों से पहले जातीय समीकरणों और गठबंधन के संतुलन को बनाए रखना है। एकता का संदेश देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में नीतीश कुमार से भी मुलाकात की थी, जिसे चुनावी राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा कारणों से पटना पुलिस ने शहर के यातायात में व्यापक बदलाव किए हैं। शेखपुरा मोड़ से एयरपोर्ट तक का रास्ता पूरी तरह बंद रहेगा और पटेल गोलंबर, इनकम टैक्स चौराहा, आर-ब्लॉक और डाकबंगला जैसे प्रमुख इलाकों को नो-एंट्री जोन घोषित किया गया है। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को राजा बाजार और जगदेव पथ का उपयोग करने की सलाह दी गई है। गांधी मैदान के आसपास सुरक्षा की कई परतें तैयार की गई हैं ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।