पटना न्यूज डेस्क: बिहार विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीटों के नतीजों में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी को हराकर सीट अपने नाम कर ली। आरजेडी के डॉ. संजीव कुमार सिंह ने मौजूदा एमएलसी प्रो. नवल किशोर यादव को हराया। इसके साथ ही विधान परिषद में नवल किशोर यादव का करीब 30 साल का कार्यकाल खत्म हो गया। बिहार की चार शिक्षक सीटों के नतीजों में जन सुराज ने भी विधान परिषद में अपनी पहली जीत दर्ज की, जबकि तिरहुत सीट पर बीजेपी समर्थित एनडीए ने कब्जा बरकरार रखा।
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में नवल किशोर यादव और संजीव कुमार सिंह के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। मतगणना के शुरुआती दौर में बीजेपी उम्मीदवार करीब 150 वोटों से आगे चल रहे थे, लेकिन वरीयता क्रम के वोटों की गिनती के बाद नतीजा आरजेडी के पक्ष में चला गया। इस सीट पर कांग्रेस के डॉ. संजय यादव और जन सुराज पार्टी की उम्मीदवार दिव्या ज्योति भी चुनाव मैदान में थीं।
जीत के बाद संजीव कुमार सिंह ने अपना परिणाम शिक्षक समुदाय को समर्पित किया और समर्थन देने वाले शिक्षकों का आभार जताया। उनकी जीत से पटना शिक्षक सीट पर लंबे समय से चला आ रहा प्रतिनिधित्व बदल गया है।
दरभंगा में जन सुराज की जीत, सारण में निर्दलीय उम्मीदवार का कब्जा
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी मदन मोहन झा को 324 वोटों से हराया। इस जीत के साथ जन सुराज ने बिहार विधान परिषद की शिक्षक सीट पर पहली बार जीत हासिल की।
वहीं, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के पूर्व नेता राहुल राज ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए जीत दर्ज की। पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 4,965 वोट हासिल किए। एनडीए की ओर से मैदान में उतरे जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर 3,150 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि जन सुराज के अफाक अहमद को 2,454 वोट मिले।
सारण में राहुल राज की जीत को एनडीए के लिए झटका माना जा रहा है। स्थानीय शिक्षकों के बीच उनकी पकड़ और टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी को उनकी जीत की संभावित वजहों में शामिल किया जा रहा है।
तिरहुत शिक्षक सीट पर बीजेपी की जीत
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार भूषण कुमार झा को 594 वोटों से हरा दिया। नरेंद्र प्रसाद सिंह को 2,945 वोट मिले, जबकि भूषण कुमार झा को 2,351 वोट हासिल हुए। मौजूदा एमएलसी और सीपीआई उम्मीदवार संजय कुमार सिंह 1,967 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
नरेंद्र प्रसाद सिंह पहले भी विधान परिषद में इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार कई उम्मीदवारों के बीच वोट बंटने का फायदा उन्हें मिलने की संभावना जताई जा रही है।
शिक्षकों की मांगें और नाराजगी भी बनी चर्चा का विषय
चारों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों के बाद शिक्षकों से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं। वेतनमान, पदोन्नति, तबादले और सेवा से जुड़ी दूसरी मांगें लंबे समय से शिक्षकों के लिए अहम रही हैं। पटना, दरभंगा और सारण में मौजूदा एमएलसी की हार के पीछे इन मुद्दों को लेकर नाराजगी भी एक संभावित वजह मानी जा रही है।
इन नतीजों से यह भी साफ हुआ कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानीय समर्थन और उम्मीदवारों के चयन की अहम भूमिका रही। सारण में निर्दलीय उम्मीदवार की जीत और दरभंगा में जन सुराज की सफलता ने बिहार विधान परिषद के चुनावी समीकरणों में नए बदलाव की ओर इशारा किया है।