पटना न्यूज डेस्क: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने घोषणा की है कि वे पटना के बाहरी इलाके में स्थित एक आश्रम में स्थानांतरित हो गए हैं। दरभंगा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए 48 वर्षीय राजनीतिक रणनीतिकार से राजनेता बने किशोर ने बताया कि उन्होंने मंगलवार रात को पटना स्थित अपना पुराना निवास छोड़ दिया। वे अब आईआईटी-पटना के समीप स्थित 'बिहार नवनिर्माण आश्रम' में रहकर अपनी राजनीतिक गतिविधियां चलाएंगे और अगले विधानसभा चुनावों तक यहीं से अपनी पार्टी को मजबूती देने का काम करेंगे।
इससे पहले आई-पैक (I-PAC) के सह-संस्थापक रहे प्रशांत किशोर पटना हवाई अड्डे के पास स्थित 'शेखपुरा हाउस' से अपनी पार्टी का संचालन कर रहे थे। यह आलीशान बंगला जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद उदय सिंह के परिवार का है। उदय सिंह बिहार के एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिनके बड़े भाई एन. के. सिंह 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं और उनकी दिवंगत मां माधुरी सिंह पूर्णिया से कई बार कांग्रेस की सांसद रही थीं। साल 2024 में राजनीतिक परामर्श का काम छोड़कर जन सुराज पार्टी बनाने वाले किशोर ने अब आगामी चुनावों तक नए ठिकाने को ही अपना आधार बनाने का फैसला किया है।
इस दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा तंज कसा, जिन्होंने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा का रुख किया है। किशोर ने कहा कि जो व्यक्ति खुद को मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद भी राज्य से होने वाले आर्थिक पलायन को नहीं रोक सका, उसने खुद ही पलायन का रास्ता चुन लिया; लेकिन ऐसा करने से पहले उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली सम्राट चौधरी सरकार में अपने बेटे निशांत कुमार के लिए राजनीतिक जमीन जरूर सुरक्षित कर ली। इसके साथ ही उन्होंने बिहार के मतदाताओं से अपील की कि वे जाति, धर्म या पैसों के लालच में आकर वोट न दें, बल्कि लालू प्रसाद, नीतीश कुमार या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं के बहकावे में आने के बजाय अपने बच्चों के भविष्य को देखकर मतदान करें।
प्रशांत किशोर ने वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण देश में होने वाले संभावित आर्थिक संकट को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने अंदेशा जताया कि आने वाले दिनों में डीजल-पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है और किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार जैसे गरीब राज्य के मुख्यमंत्री 25 एकड़ के आलीशान बंगले में रहते हैं और अब वे अपने पूर्व उपमुख्यमंत्री वाले बंगले को भी मुख्यमंत्री आवास में मिलाकर इस परिसर को और बड़ा करने की योजना बना रहे हैं।