पटना न्यूज डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बिहार में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत पटना समेत कई जगहों पर दीप जलाए गए। मरीन ड्राइव, पाटलिपुत्रा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मुख्यमंत्री आवास और बीजेपी कार्यालय समेत कई स्थानों पर कार्यक्रम हुए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी दीप जलाकर आयोजन में हिस्सा लिया। पटना के जेपी गंगा पथ पर हजारों दीये जलाए गए और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
कार्यक्रम को लेकर विपक्षी दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। सीजेपी नेता सौरव दास ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दीपोत्सव में शामिल होने का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर आयोजन पर तंज कसा। वहीं आरजेडी की राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट प्रियंका भारती ने भी वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए कार्यक्रम की आलोचना की। उन्होंने बिहार में बाढ़ की स्थिति का हवाला देते हुए आयोजन पर सवाल उठाए।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर सरकारी आदेश के जरिए दीये जलवाए गए और शिक्षकों को भी इसमें शामिल होने के निर्देश दिए गए। तेजस्वी ने कार्यक्रम पर 100 करोड़ रुपये सरकारी खर्च होने का दावा किया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किए थे।
इस मुद्दे पर महागठबंधन की सहयोगी भाकपा माले ने भी सवाल उठाए। पार्टी के प्रदेश सचिव कुणाल ने बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच दीप जलाने के आयोजन पर आपत्ति जताई। दूसरी ओर, कार्यक्रम के समर्थकों की ओर से इसे प्रधानमंत्री के जन्मदिन और ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ा आयोजन बताया गया है। इस तरह ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर बिहार में राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।