पटना न्यूज डेस्क: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट के चुनाव से पहले जेडीयू में अंदरूनी सियासत तेज हो गई है। विधायक अनंत सिंह और जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार बुधवार को पार्टी कार्यालय पहुंचे, जहां दोनों की प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के साथ करीब 35 मिनट तक बंद कमरे में बैठक हुई। बैठक के बाद अनंत सिंह बिना कोई बयान दिए वहां से निकल गए। वहीं नीरज कुमार ने कहा कि आज अनंत सिंह ने कुछ नहीं कहा और वह उनके समर्थन में हैं।
दरअसल, अनंत सिंह ने कुछ दिन पहले पटना स्नातक सीट के आगामी चुनाव को लेकर नीरज कुमार का समर्थन नहीं करने की बात कही थी। उन्होंने डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में खुलकर समर्थन का ऐलान किया था। अनंत सिंह ने कहा था कि उनके 26 विधानसभा क्षेत्रों में जो भी समर्थक हैं, वे भी डॉ. अनुज सिंह के साथ रहेंगे। उनके समर्थकों ने भी दावा किया था कि 'जिसके साथ छोटे सरकार, उसकी जीत तय है।'
अनंत सिंह ने यह बयान बाढ़ के बेड़ना गांव में जहरीली शराब से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात के बाद दिया था। वह चार दिन में दूसरी बार पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे और आर्थिक मदद भी की थी। इस दौरान उनके साथ डॉ. अनुज सिंह और बाढ़ विधायक डॉ. सियाराम सिंह मौजूद थे। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि डॉ. अनुज सिंह किस पार्टी के समर्थन से या निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे।
पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है। इस सीट पर आम विधानसभा मतदाता नहीं, बल्कि पात्र स्नातक मतदाता वोट करते हैं। 2026 में विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक सीटों पर चुनाव होना है। इनमें पटना स्नातक सीट भी शामिल है। फिलहाल चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है और सितंबर में शेड्यूल आने की संभावना है। जन सुराज भी इन आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहा है।