पटना न्यूज डेस्क: पटना में शुक्रवार को चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे सीपीआई(एम), डीवाईएफआई और एसएफआई के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आर-ब्लॉक पर रोक दिया। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध जताने निकले थे। उनका मार्च जीपीओ गोलंबर से चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाना था, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक दिया।
प्रदर्शन को देखते हुए आर-ब्लॉक पर बैरिकेडिंग की गई थी और मौके पर वाटर कैनन वाली गाड़ियां भी तैनात की गईं। हालांकि, इनका इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों के चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करने की आशंका के बाद जीपीओ गोलंबर, आर-ब्लॉक, आयोग के कार्यालय के आसपास और मुख्यमंत्री आवास के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय ध्वज और पार्टी के झंडे लेकर पहुंचे थे। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उनके हाथों में मौजूद पोस्टरों में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में छात्र संगठनों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की गई।
यह मार्च कथित वोट चोरी और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों के खिलाफ विपक्ष के व्यापक विरोध का हिस्सा था। प्रदर्शनकारी संगठनों ने बिहार, पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को फिर से जोड़ने की मांग की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
मार्च रोके जाने के बाद भी प्रस्तावित रास्ते पर पुलिस की तैनाती बनी रही और अधिकारी प्रदर्शन पर नजर रखते रहे। प्रदर्शनकारी आगे क्या कदम उठाएंगे, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। फिलहाल हिरासत में लिए जाने, झड़प होने या ट्रैफिक बाधित होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।