पटना न्यूज डेस्क: केंद्रीय खान मंत्रालय सोमवार को पटना में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी के 8वें चरण को लेकर रोड शो आयोजित करेगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय खनिज खोज एवं विकास ट्रस्ट (एनएमईडीटी) पर एक कार्यशाला भी होगी। 8वें चरण में कुल 20 खनिज ब्लॉक शामिल हैं, जिनमें 3 माइनिंग लीज और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक हैं।
इन ब्लॉकों में ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व, रेयर मेटल, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन, पोटाश, फॉस्फोराइट और ग्लॉकोनाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे करेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, खान मंत्री प्रमोद कुमार और राज्य सरकार, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) और एमईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
रोड शो में निवेशकों और उद्योग जगत के लोगों को खनिज ब्लॉकों की क्षमता, नीलामी की प्रक्रिया, बोली लगाने के नियम और निवेश के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। एमईसीएल खनिज ब्लॉकों, एसबीआईकैप्स नीलामी प्रक्रिया और टेंडर दस्तावेज, जबकि एमएसटीसी ई-नीलामी प्रक्रिया पर जानकारी देगा। एनएमईडीटी योजना के तहत कंपोजिट लाइसेंस धारकों को खोज पर होने वाले खर्च की आंशिक भरपाई की जानकारी भी दी जाएगी।
कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में ‘खनिज खोज: योजना, क्रियान्वयन और रिपोर्ट तैयार करना’ विषय पर कार्यशाला होगी। इसमें भारत में खनिज खोज की संभावनाओं, राष्ट्रीय भू-विज्ञान डेटा रिपॉजिटरी (एनजीडीआर), उसके जरिए खोज ब्लॉक तैयार करने और खनिज खोज रिपोर्ट बनाने पर चर्चा होगी। सरकार का कहना है कि इस पहल से खनिज खोज को बढ़ावा मिलेगा, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू उपलब्धता मजबूत होगी, जिससे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी बढ़ावा मिलेगा।