पटना न्यूज डेस्क: पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी विधान परिषद चुनाव में इस बार मुकाबला बहुकोणीय होता दिख रहा है। बीजेपी के मौजूदा एमएलसी नवल किशोर यादव के सामने आरजेडी ने पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वहीं जन सुराज ने भी डॉ. दिव्य ज्योति को इस सीट से मैदान में उतारा है। आरजेडी ने 11 सितंबर को अपने छह उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, जिसमें पटना शिक्षक सीट से संजीव कुमार सिंह का नाम शामिल था।
डॉ. संजीव कुमार सिंह पहले जेडीयू से परबत्ता के विधायक रह चुके हैं और बाद में आरजेडी में शामिल हुए। अब शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उनकी उम्मीदवारी के बाद चुनाव में शिक्षक मतदाताओं से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में हैं। वहीं डॉ. दिव्य ज्योति लंबे समय से पटना शिक्षक सीट के लिए तैयारी कर रही थीं और सितंबर में जन सुराज में शामिल हुईं। जन सुराज ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही है।
नवल किशोर यादव इस सीट से मौजूदा बीजेपी एमएलसी हैं और लगातार पांच बार से विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। ऐसे में इस चुनाव में उनका मुकाबला दो अन्य प्रमुख उम्मीदवारों से होगा। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उम्मीदवारों का व्यक्तिगत संपर्क, शिक्षक समुदाय के बीच पहुंच और स्थानीय संगठनात्मक नेटवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि अलग-अलग उम्मीदवारों की मौजूदगी से मतदाताओं का रुख किस तरह बंटेगा, इसका आकलन चुनाव से पहले निश्चित तौर पर नहीं किया जा सकता।
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को खत्म हो रहा है और चुनाव प्रक्रिया उससे पहले पूरी होनी है। पटना शिक्षक सीट पर आरजेडी की ओर से संजीव सिंह और जन सुराज की ओर से दिव्य ज्योति की मौजूदगी के बाद राजनीतिक दलों के बीच मुकाबले को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। फिलहाल चुनाव की आधिकारिक तारीख की घोषणा बाकी है, इसलिए अंतिम तस्वीर नामांकन और चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद ही साफ होगी।