पटना न्यूज डेस्क: पटना के दैनिक यात्रियों और मेट्रो प्रेमियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। आगामी 2 जुलाई से पटना मेट्रो की सेवा का विस्तार मलाहीपकड़ी तक होने जा रहा है, जिससे यात्रियों को यातायात का एक नया और सुगम विकल्प मिलेगा। इस सेवा विस्तार के साथ ही मेट्रो प्रशासन एक और बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जिसके तहत ट्रेनों की परिचालन गति को वर्तमान 25 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया जाएगा। रफ्तार में इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दूरी बढ़ने के बावजूद यात्रियों के समय में बचत होगी और फेरों की संख्या पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।
इस नए रूट के चालू हो जाने से पटना मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर 3.6 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 6.2 किलोमीटर लंबा हो जाएगा। मेट्रो अब न्यू आईएसबीटी, जीरो माइल, भूतनाथ और मलाहीपकड़ी स्टेशनों के बीच अपनी सेवाएं देगी। अधिकारियों के अनुसार, यह मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक (यानी 12 घंटे के भीतर) न्यू आईएसबीटी और मलाहीपकड़ी के बीच प्रतिदिन कुल 24 फेरे लगाएगी। हालांकि, इस रूट के यात्रियों को ध्यान देना होगा कि भूतनाथ और मलाहीपकड़ी के बीच स्थित 'खेमनीचक स्टेशन' पर फिलहाल मेट्रो नहीं रुकेगी, क्योंकि वहां अभी इंटर-जंक्शन से जुड़ा तकनीकी कार्य पूरा होना बाकी है।
दूरी बढ़ने के साथ ही मेट्रो प्रशासन ने किराए की नई सूची भी स्पष्ट कर दी है, जो यात्रियों की जेब के अनुकूल रखी गई है। वर्तमान में न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ तक का सफर तय करने के लिए यात्रियों को 15 रुपये देने होते हैं, लेकिन मलाहीपकड़ी तक यात्रा करने पर अब अधिकतम किराया 30 रुपये निर्धारित किया गया है। पटना मेट्रो की किराया प्रणाली के तहत 1 से 3 किलोमीटर तक के सफर के लिए 15 रुपये और 1 से 6 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 30 रुपये का शुल्क तय किया गया है, जो बेहद किफायती है।
भविष्य की योजनाओं की बात करें तो इस प्रायोरिटी कॉरिडोर (ब्लू लाइन) को मलाहीपकड़ी से आगे बढ़ाते हुए सीधे पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन तक जोड़ने की तैयारी है। इस आगामी विस्तारित रूट पर मोइन-उल-हक स्टेडियम, राजेंद्र नगर, पटना विश्वविद्यालय, पीएमसीएच (PMCH), गांधी मैदान और आकाशवाणी जैसे शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होंगे। इन सभी प्रमुख इलाकों में भूमिगत सुरंग (Underground Tunnel) और अंडरग्राउंड स्टेशनों का निर्माण कार्य इस वक्त युद्ध स्तर पर जारी है, जिसके पूरा होने के बाद पटना की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।