पटना न्यूज डेस्क: पटना मेट्रो रेल परियोजना के भूमिगत सुरंग निर्माण कार्य ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। मोइन-उल-हक स्टेडियम से गांधी मैदान तक का सुरंग निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, और अब पूरा ध्यान नेहरू पथ की ओर केंद्रित है। आगामी जून महीने से नेहरू पथ पर स्थित स्टेशनों के लिए खुदाई का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए मिट्टी की जांच पूरी हो चुकी है और इनकम टैक्स चौराहा, विकास भवन तथा पटना चिड़ियाघर के पास बैरिकेडिंग का काम भी शुरू हो गया है, जिससे परियोजना के अगले चरण में तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं।
यह मेट्रो नेटवर्क शहर के प्रशासनिक और व्यस्त इलाकों को आपस में जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। नेहरू पथ पर स्थित आकाशवाणी मेट्रो स्टेशन को विद्युत भवन के नए भूमिगत स्टेशन से जोड़ा जाएगा, जिससे सचिवालय और आसपास के सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। सुरंग का विस्तार विद्युत भवन से शुरू होकर विकास भवन, पटना चिड़ियाघर, राजा बाजार और रुकनपुरा होते हुए पाटलिपुत्र मेट्रो स्टेशन तक जाएगा। इसके बाद, मेट्रो एक एलिवेटेड कॉरिडोर के माध्यम से आरपीएस मोड़ और सगुना मोड़ से होते हुए दानापुर स्टेशन तक पहुंचेगी।
इंजीनियरिंग के नजरिए से यह परियोजना बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण है। राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन को नेटवर्क का सबसे गहरा स्टेशन बनाया जा रहा है, जो जमीन से 21 मीटर नीचे स्थित होगा। इसके ऊपर रेलवे ट्रैक होने के कारण इसे गहराई में बनाया जाना आवश्यक है, और यह राजेंद्र नगर रेलवे टर्मिनल के साथ एक प्रमुख इंटरचेंज बिंदु के रूप में भी कार्य करेगा। इसी प्रकार, पटना जंक्शन स्टेशन को रेड और ब्लू लाइन के इंटरचेंज के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे दानापुर से लेकर न्यू आईएसबीटी तक के यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।
रेलवे से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद मोइन-उल-हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच 800 मीटर की सुरंग निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (PMRC) के अधिकारी इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि 'प्रायोरिटी कॉरिडोर' यानी पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से पटना जंक्शन तक का निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। गांधी मैदान से आकाशवाणी तक की सुरंग का 90% काम पूरा होने के बाद, यह परियोजना न केवल ट्रैफिक की समस्या को कम करेगी, बल्कि पटना की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा देगी।