पटना न्यूज डेस्क: बिहार की राजधानी पटना में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पटना के जिला मजिस्ट्रेट (DM) कुंदन कुमार ने एक नया आदेश जारी करते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में प्री-स्कूल (प्ले स्कूल) से लेकर कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों पर लगी रोक को 30 जून, 2026 तक बढ़ा दिया है। यह फैसला छोटे बच्चों को चिलचिलाती धूप और अत्यधिक तापमान से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने के लिए लिया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा 28 जून को जारी इस आदेश में साफ कहा गया है कि लगातार चल रही तीव्र लू और रिकॉर्ड तोड़ तापमान के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। इसी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने भौतिक कक्षाओं (फिजिकल क्लासेज) पर प्रतिबंध को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। नया निर्देश 29 जून से 30 जून, 2026 तक पूरी तरह से प्रभावी रहेगा, जिससे मानसून के आगमन से पहले बच्चों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकेगी।
यह नया आदेश 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत कानूनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया है। इससे पहले भी जिला प्रशासन ने 21 जून, 2026 को ज्ञापंक संख्या 8706/विधिक के माध्यम से बढ़ते पारे को देखते हुए स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया था। उसी आदेश की निरंतरता में इस ताजा तरीन प्रतिबंधात्मक गाइडलाइन को लागू किया गया है ताकि पटना जिले के भीतर किसी भी बच्चे की सेहत से कोई खिलवाड़ न हो।
प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूल प्रबंधनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इन दो दिनों के दौरान प्री-स्कूल से 8वीं तक की नियमित कक्षाओं को पूरी तरह स्थगित रखें। साथ ही, स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे इस अवधि के अनुसार अपनी शैक्षणिक गतिविधियों और परीक्षाओं के शेड्यूल में जरूरी बदलाव करें। डीएम कुंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि चूंकि मौसम विभाग की ओर से अभी राहत के संकेत नहीं हैं, इसलिए छोटे बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यह एहतियाती कदम उठाना बेहद अनिवार्य हो गया था।