पटना न्यूज डेस्क: पटना के हिमगिरी चौराहे पर बनने वाले दुर्गा पूजा पंडाल में त्योहार से पहले ही सुरक्षा और आने-जाने की व्यवस्था को लेकर कई समस्याएं सामने आई हैं। श्री विजय वाहिनी दुर्गा पूजा समिति का कहना है कि पंडाल तक पहुंचने वाली गलियों में स्ट्रीट लाइट ठीक से काम नहीं करती, सड़कों पर अतिक्रमण है, पेड़ों की शाखाएं रास्ते में बाधा बन रही हैं और अंदर की सड़कें भी खराब हैं। इसके अलावा, भीड़ को संभालने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। समिति ने प्रशासन से पूजा शुरू होने से पहले इन समस्याओं को दूर करने की मांग की है।
समिति के कार्यकारी सदस्य हर्षवर्धन ने बताया कि पंडाल के आसपास की गलियों में नगर निगम की स्ट्रीट लाइट से पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती। ऐसे में समिति ने लोगों की सुविधा के लिए पंडाल के पास छह से सात हैलोजन लाइटें लगवाई हैं। उनका कहना है कि त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए रास्तों पर पर्याप्त रोशनी होना जरूरी है। इसके अलावा, रास्तों के किनारे पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाएं भी परेशानी पैदा करती हैं। मूर्ति स्थापित करने और विसर्जन के समय इन शाखाओं के कारण बड़ी प्रतिमा को ले जाने में दिक्कत होती है। समिति ने इसके लिए पेड़ों की नियमित छंटाई कराने की मांग की है।
पंडाल के बाहर सड़क पर अतिक्रमण भी समिति की बड़ी चिंता है। समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार के मुताबिक, करीब 40 फीट चौड़ी सड़क का लगभग आधा हिस्सा ठेले और दुकानदारों के कब्जे में रहता है। इससे श्रद्धालुओं और वाहनों के आने-जाने के लिए जगह कम बचती है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दुकानदार हट जाते हैं, लेकिन कार्रवाई खत्म होने के बाद फिर से सड़क पर आ जाते हैं। वहीं, आयोजन समिति के सदस्य आशीष मानसवाइन ने बताया कि आसपास की गलियों की सड़कें भी खराब हैं। समिति के सदस्य जब पूजा के लिए चंदा मांगने लोगों के पास जाते हैं, तो स्थानीय निवासी अक्सर सड़कों की हालत को लेकर शिकायत करते हैं।
समिति के मुताबिक, पंडाल में आने और बाहर निकलने के लिए एक ही रास्ता है, जिससे भीड़ बढ़ने पर लोगों की आवाजाही मुश्किल हो सकती है। इस समस्या को देखते हुए समिति ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कम से कम 10 सदस्यों की तैनाती की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित की जा सके और भीड़ जमा होने से रोकी जा सके। आयोजकों ने पूजा से पहले बेहतर रोशनी, पेड़ों की छंटाई, सड़कों की मरम्मत, अतिक्रमण हटाने और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त मदद उपलब्ध कराने की अपील की है।