पटना न्यूज डेस्क: पटना में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए हिंसक टकराव के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। भाजपा की शिकायत पर बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु समेत 12 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक उसकी शिकायत पर मामला दर्ज नहीं किया गया।
कांग्रेस नेता और तमिलनाडु के पूर्व डीजीपी करुणा सागर ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय पर हमला किया था। उनका दावा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केवल आत्मरक्षा के लिए लाठियां उठाईं, लेकिन कार्रवाई उल्टा उनके खिलाफ कर दी गई।
करुणा सागर ने कहा कि राहुल गांधी ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था, लेकिन उसके बाद भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया। उनके अनुसार, पुलिस को पहले से जानकारी होने के बावजूद कांग्रेस कार्यालय की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने पाटलिपुत्र थाने में शिकायत दी है, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो पार्टी न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
वहीं भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ किया और राजनीतिक विरोध के नाम पर गंभीर स्थिति पैदा की। भाजपा का कहना है कि इसी को लेकर पटना महानगर जिलाध्यक्ष रूप नारायण मेहता की शिकायत पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि बुधवार को दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच लाठी-डंडे और पत्थरबाजी हुई थी। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।