पटना न्यूज डेस्क: पटना के सिगोड़ी थाने में पूछताछ के लिए लाए गए 35 वर्षीय अजय मांझी की मौत हो गई। अजय को शनिवार रात करीब 8:30 बजे दो अन्य युवकों के साथ थाने लाया गया था। रविवार तड़के करीब चार बजे उसे थाने के आगंतुक कक्ष से जुड़े बाथरूम में गमछे के फंदे से लटका पाया गया। गंभीर हालत में उसे पालीगंज अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से एम्स पटना रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अजय गया जिले के चाकंद थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उसके साथ रंजन कुमार और विष्णुदयाल भी पूछताछ के लिए लाए गए थे।
पुलिस के मुताबिक, तीनों स्कॉर्पियो से चिकसी की ओर से आ रहे थे और गश्ती दल की गाड़ी देखकर वाहन तेज भगाने लगे। पुलिस ने पीछा कर पालीगंज बाजार में उन्हें पकड़ लिया। तीनों को कांड संख्या 173/26 में पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। पुलिस का कहना है कि चिकसी के ईंट-भट्ठा संचालक श्याम कुमार और शरद कुमार ने अजय पर बकाया राशि नहीं देने की शिकायत की थी और इसी मामले में पूछताछ की जा रही थी। हालांकि अजय की पत्नी काजू देवी ने आरोप लगाया है कि पति ने रात में फोन कर पुलिस पर 50 हजार रुपये मांगने और पिटाई करने की बात बताई थी। उनका कहना है कि पैसे नहीं दे पाने के कारण अजय की हालत बिगड़ी। परिवार ने बातचीत का ऑडियो होने का भी दावा किया है, लेकिन ऑडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
घटना के बाद थाना परिसर में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर निगरानी में रखे गए अजय के पास गमछा कैसे पहुंचा और वह बाथरूम तक अकेले कैसे पहुंच गया? उस समय ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी और ओडी अधिकारी किस तरह निगरानी कर रहे थे? पुलिस का कहना है कि रात में कमरे में मौजूद लोग सो रहे थे और इसी दौरान अजय बाथरूम में गया। तड़के करीब चार बजे चौकीदार ने उसे फंदे से लटका देखा और थानाध्यक्ष को जानकारी दी। वहीं, अजय के साथ थाने लाए गए दोनों युवकों के परिजनों का कहना है कि उनकी मुलाकात अजय से कुरवां बाजार में हुई थी और वह उन्हें जहानाबाद घूमने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। इन सभी घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा, सिटी एसपी पश्चिमी संकेत कुमार और पालीगंज एसडीएम चंदन कुमार समेत कई अधिकारी सिगोड़ी थाने पहुंचे। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। एसएसपी ने थानाध्यक्ष तनिस पायल को निलंबित कर दिया है, जबकि चौकीदार विजय यादव को थाने से हटाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। ओडी अफसर और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एसपी पश्चिमी संकेत कुमार के मुताबिक, शुरुआती जांच में मौत का कारण फंदा लगाना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम और एफएसएल जांच से आगे के तथ्य सामने आएंगे। अजय की मौत से उसकी पत्नी और तीन छोटे बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके आठ वर्षीय बेटे दीपक, सात वर्षीय बेटी दिव्या और छह वर्षीय बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया है।