पटना न्यूज डेस्क: नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 22 और 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शनों के बाद पटना में बड़ी संख्या में छात्रों पर कार्रवाई जारी है। वकीलों का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए करीब 200 छात्रों में से कई को 24 घंटे से अधिक समय तक अलग-अलग थानों में रखा गया। वहीं, 25 जुलाई के बंद के दौरान सीवान में AK-47 से फायरिंग करने वाले एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
छात्रों की ओर से मुफ्त कानूनी सहायता दे रहीं अधिवक्ता आकांक्षा शाही ने बताया कि 25 जुलाई को हिरासत में लिए गए 58 छात्रों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जबकि कई अन्य को भी अदालत में पेश किया जा रहा है। उनका दावा है कि हिरासत में लिए गए छात्रों में बड़ी संख्या नाबालिगों की है।
अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने आरोप लगाया कि कई छात्रों के परिवारों को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी तक नहीं दी गई। उनका कहना है कि कानून के मुताबिक हिरासत में लिए गए व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना चाहिए, लेकिन कई मामलों में ऐसा समय पर नहीं हुआ।
छात्र संगठन दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन की सदस्य सोमा कुमारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने और एफआईआर वापस लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले अभी भी कायम हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई छात्रों को प्रदर्शन स्थल से गुजरते समय ही हिरासत में ले लिया गया।
वहीं, पटना के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि 25 जुलाई की हिंसा के मामले में 86 प्रदर्शनकारियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि 60 लोगों, जिनमें महिलाएं और नाबालिग शामिल हैं, को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़े मामलों में शहर के विभिन्न थानों में 23 एफआईआर दर्ज की गईं और 67 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
गांधी मैदान थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 25 जुलाई की हिंसा को लेकर चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। आरोपियों पर गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा डालने और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
इस बीच एडीजी (कानून-व्यवस्था) के. सुहिता अनुपम ने बताया कि 25 जुलाई के बंद के दौरान हुई हिंसा के संबंध में सारण, सीवान, भागलपुर, सीतामढ़ी और जहानाबाद में भी एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं में कुल 148 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा में 19 सरकारी और एक निजी वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 58 पुलिसकर्मी घायल हुए। सीवान में AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है।