पटना न्यूज डेस्क: पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के पास से 6 जुलाई को कथित तौर पर अगवा किए गए बंटी का शव अपहरण के पांच दिन बाद अथमलगोला में बरामद हुआ। शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर मिले शव की हालत बेहद खराब थी। चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था, शरीर पर चोटों के कई निशान थे और शव सड़ने लगा था। परिजनों ने हाथ में पहने कड़े और टैटू के आधार पर उसकी पहचान की।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या की गई है। प्रारंभिक जांच में गोली लगने या शरीर में छर्रे मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। डॉक्टर के अनुसार, चेहरे और शरीर पर ईंट-पत्थर जैसी भारी वस्तुओं से वार किए गए, जिससे शरीर के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
मृतक के भाई मुकुल यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परिवार के लोग पिछले छह दिनों से खुद बंटी की तलाश में जुटे थे, जबकि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने में कोई तत्परता नहीं दिखाई। उन्होंने दावा किया कि कुछ संदिग्धों को परिवार ने खुद पुलिस के हवाले किया है और सीसीटीवी फुटेज में एक युवक बंटी को जबरन ऑटो में बैठाते हुए दिखाई दिया है।
पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम शव मिलने की सूचना पर एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया और साक्ष्य जुटाए गए। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मृतक के दोस्तों का आरोप है कि बंटी इलाके में कथित सेक्स रैकेट का विरोध करता था और घटना वाली रात उसे फोन कर महावीर मंदिर के पास बुलाया गया, जहां से कुछ युवक उसे जबरन अपने साथ ले गए थे।