पटना न्यूज डेस्क: पटना हाईकोर्ट को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश मिल सकता है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। 6 अगस्त को भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई कॉलेजियम की बैठक में यह फैसला लिया गया। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद जस्टिस राव पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश बनेंगे और उनका कार्यकाल करीब एक साल का होगा।
फिलहाल पटना हाईकोर्ट में जस्टिस सुधीर सिंह कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले 5 जून 2026 को जस्टिस मीनाक्षी मदन राय ने 48वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी, लेकिन 11 जुलाई को उनके रिटायर होने के बाद जस्टिस सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई।
जस्टिस वी. कामेश्वर राव का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से भूगोल में बीए ऑनर्स करने के बाद 1990 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और मार्च 1991 में दिल्ली बार काउंसिल में वकालत शुरू की। सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में प्रैक्टिस करने के अलावा उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट और कलकत्ता हाईकोर्ट की पोर्ट ब्लेयर सर्किट बेंच में भी मामलों की पैरवी की। जनवरी 2010 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता बनाया गया। 17 अप्रैल 2013 को वह दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और मार्च 2015 में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए। जून 2024 में उनका तबादला कर्नाटक हाईकोर्ट हुआ, जहां मई 2025 में वह कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बने। जुलाई 2025 में वह फिर दिल्ली हाईकोर्ट लौटे।
जस्टिस राव को सेवा, श्रम, मध्यस्थता, संवैधानिक और प्रशासनिक कानून से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। उन्होंने कई सरकारी उपक्रमों, बैंकों और स्वायत्त संस्थानों की ओर से अदालत में पैरवी की है। अब कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र की मंजूरी मिलने का इंतजार है। मंजूरी के बाद वह पटना हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के तौर पर कार्यभार संभालेंगे।