पटना न्यूज डेस्क: जनता दल (यूनाइटेड) में अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव अरविंद कुमार उर्फ छोटू सिंह के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई के विरोध में उनके समर्थकों ने पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए छोटू सिंह की पार्टी में तत्काल वापसी की मांग की।
बताया जा रहा है कि हाल ही में पार्टी संगठन में हुए बदलावों पर छोटू सिंह ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।
छोटू सिंह के समर्थक वीरचंद पटेल पथ स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि निष्कासन का निर्णय वापस लिया जाए और छोटू सिंह को दोबारा संगठन में शामिल किया जाए।
दरअसल, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने हाल ही में संगठन में बदलाव किए थे। नई टीम में जगह नहीं मिलने पर छोटू सिंह ने खुलकर नाराजगी जताई थी और नेतृत्व के फैसलों पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की।
समर्थकों का दावा है कि प्रदर्शन से पहले उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से भी मुलाकात की थी। वहीं, मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने भी छोटू सिंह के खिलाफ हुई कार्रवाई को अनुचित बताया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने जदयू के भीतर बढ़ती अंदरूनी नाराजगी को उजागर कर दिया है। एक ओर पार्टी अनुशासन बनाए रखने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं का विरोध नेतृत्व के लिए नई चुनौती बनता दिख रहा है।