पटना न्यूज डेस्क: पटना में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और घायलों को तुरंत उपचार देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राजधानी की प्रमुख सड़कों—अटल पथ, पाटलि पथ और जेपी गंगा पथ—पर अब स्थायी रूप से एंबुलेंस तैनात रहेंगी। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के शिकार लोगों को 'गोल्डन आवर' (दुर्घटना के बाद का शुरुआती अहम समय) में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि समय पर सही इलाज मिलने से कीमती जान बचाई जा सके।
इस विशेष सेवा की शुरुआत पुलिस मुख्यालय से हुई, जहाँ डीजीपी विनय कुमार और एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने इन एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एंबुलेंस सेवा सीएसआर (CSR) फंड के तहत चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस के सहयोग से शुरू की गई है। इस पहल को धरातल पर उतारने के लिए डीजीपी और कंपनी के एमडी वी सूर्यनारायणन के बीच एक औपचारिक समझौता पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।
यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में पटना देश के शीर्ष 100 शहरों में तीसरे स्थान पर है। दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुँचने में लगने वाला समय अक्सर जानलेवा साबित होता है। इस समस्या को देखते हुए, इन एंबुलेंसों में ट्रैफिक पुलिस के जवानों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रशिक्षित कर्मी भी 24 घंटे तैनात रहेंगे, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता के लिए उपलब्ध होंगे।
ये एंबुलेंस सेवा चौबीसों घंटे काम करेगी और इसे सीधे 'डायल 112' इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम के साथ जोड़ा गया है। इससे आपात स्थिति में कॉल मिलते ही तत्काल चिकित्सीय सहायता घटनास्थल पर पहुँचेगी। पुलिस की इस कोशिश से अब हादसों के बाद लोगों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें समय रहते सही मदद मिल पाएगी, जिससे पटना की सड़कों पर यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित होगी।