पटना न्यूज डेस्क:बिहार की राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने का असर अब निचले इलाकों और घाटों पर दिखाई देने लगा है। कई घाट पानी में डूब गए हैं और महावीर घाट व भद्र घाट के आसपास की सड़कों तक गंगा का पानी पहुंच गया है। सड़क पर पानी भरने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी हो रही है।
गंगा का पानी धीरे-धीरे आसपास के निचले इलाकों में फैल रहा है। ऐसे में इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लोगों की नजर लगातार नदी के जलस्तर पर बनी हुई है, क्योंकि पानी बढ़ने से घरों, रास्तों और रोजमर्रा के कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है। सड़कों पर पानी भरने से आने-जाने में भी दिक्कत हो रही है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है। इससे पहले सितंबर में गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गई थी। उस समय घाटों के आसपास बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। प्रभावित इलाकों में एसडीआरएफ की नावें और गोताखोर भी तैनात किए गए थे, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों की मदद की जा सके।
गंगा का जलस्तर पटना में 2016 के पुराने बाढ़ स्तर का रिकॉर्ड भी पार कर चुका है। गांधी घाट पर पानी 50.57 मीटर तक पहुंच गया था, जो 2016 के स्तर से 5 सेंटीमीटर ज्यादा था। अब पटना सिटी के लोगों की चिंता इस बात को लेकर है कि गंगा का पानी और कितना बढ़ेगा। सड़कों तक पहुंचा पानी बता रहा है कि बढ़ते जलस्तर का असर अब शहरी इलाकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है।