पटना न्यूज डेस्क: बिहार में मानसून की सुस्त रफ्तार के बावजूद पड़ोसी राज्यों से आ रहे पानी के कारण गंगा और गंडक नदियों के जलस्तर में उफान आ गया है। पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी खतरे के निशान (48.60 मीटर) से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि दीघा घाट पर भी जलस्तर 50.45 मीटर के चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है।
नदियों के इस रौद्र रूप के चलते राज्य के कई जिलों में तटीय जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बेगूसराय के मुंगेर घाट पर जलभराव के कारण लोगों को अंतिम संस्कार करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बगहा में गंडक नदी के भीषण कटाव के कारण 40 वर्षों से रह रहे ग्रामीणों के आशियाने और उपजाऊ खेत नदी में समा गए हैं। इसके अलावा बक्सर में भी गंगा खतरे के निशान के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है।
मौसम का मिजाज और अलर्ट
सीमांचल के लिए ऑरेंज अलर्ट: मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में राज्य के 6 उत्तर-पूर्वी जिलों—सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार—में मूसलाधार बारिश की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
तापमान और नमी: पटना समेत अन्य जिलों में मौसम सामान्य और उमस भरा रहेगा। अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
कमजोर मानसून का असर: बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से लगभग 40% कम बारिश दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में 36.2 डिग्री सेल्सियस के साथ पश्चिमी चंपारण राज्य का सबसे गर्म जिला रहा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना वेल-मार्क लो प्रेशर एरिया और बंगाल की खाड़ी तक फैली मानसून ट्रफ के कारण बिहार के आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।