पटना न्यूज डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव के करीब 10 महीने बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने राज्य में दोबारा चुनाव कराने की मांग की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद के बीच तेजस्वी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए बिहार और पश्चिम बंगाल में नए सिरे से चुनाव कराने की बात कही। यह बयान उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया, जिनमें दावा किया गया था कि एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि एसआईआर समेत सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए थे और आंतरिक चर्चा के दौरान मतभेद होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
‘गमछा’ फिर चर्चा में: बिहार की पहचान से लंबे समय से जुड़े गमछे का जिक्र एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी के बीच सामने आया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने भाषणों में ‘गमछा’ शब्द का इस्तेमाल किया था। जमुई छेड़छाड़ मामले के मुख्य आरोपी के चेहरे को भगवा गमछे से ढके नजर आने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आया। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराधियों को कानून का डर नहीं है और वे कथित तौर पर भगवा गमछे को राजनीतिक संरक्षण से जोड़कर देखते हैं।
पीएचडी करने वाली छात्राओं को हर महीने 10 हजार रुपये: बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना के तहत करीब 1,000 छात्राओं को आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। इसके तहत चयनित छात्राओं को चार साल तक हर महीने 10,000 रुपये दिए जाएंगे। योजना का मकसद उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, योजना के लिए प्रस्ताव तैयार हो चुका है और वित्त विभाग की सहमति भी मिल गई है; इसे लागू करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी की प्रक्रिया बाकी थी।
बिहार की राजनीति और शिक्षा से जुड़े ये तीन मुद्दे चर्चा में: एक तरफ तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए नए चुनाव की मांग की है, वहीं ‘गमछा’ को लेकर प्रशांत किशोर की टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को हवा दी है। दूसरी ओर, राज्य सरकार की बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना के तहत 1,000 छात्राओं को चार साल तक 10,000 रुपये मासिक सहायता देने की योजना है।