पटना न्यूज डेस्क: बिहार में तीन तलाक कानून के तहत सजा सुनाए जाने का पहला मामला सामने आया है। पटना की एक अदालत ने गुरुवार को बिहटा निवासी नौशाद अहमद को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 6,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। हालांकि, पत्नी पर तेजाब से हमला करने की कोशिश से जुड़े मामले में अदालत ने उसे बरी कर दिया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-24 राजीव रंजन सहाय की अदालत ने नौशाद अहमद को मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 की धारा 4 के तहत दोषी ठहराया। इसके साथ ही उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 323, यानी जानबूझकर चोट पहुंचाने, और धारा 341, यानी गलत तरीके से रोकने, के तहत भी दोषी पाया गया।
नौशाद अहमद पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के सिमरी गांव का रहने वाला है। अदालत ने शिकायतकर्ता को 6,500 रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर उसे एक महीने और 22 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। वहीं, पत्नी पर तेजाब से हमला करने की कोशिश के मामले में उसे राहत मिली है।