पटना न्यूज डेस्क: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने पटना के '10 सर्कुलर रोड' स्थित अपने ऐतिहासिक सरकारी बंगले को खाली करना शुरू कर दिया है। बंगला खाली करने की अंतिम समयसीमा (डेडलाइन) आज खत्म हो रही है, जिसके चलते रविवार देर शाम से ही मजदूरों ने घर का सामान शिफ्ट करना शुरू कर दिया था। इससे पहले राबड़ी देवी ने इस बंगले को छोड़ने और किसी दूसरे घर में जाने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब एनडीए (NDA) सरकार के एक मंत्री को यह आवास आवंटित होने के बाद वे इसे खाली कर रही हैं।
पीटीआई (PTI) के मुताबिक, बंगले से सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए हैं और राबड़ी देवी का निजी सामान ट्रकों में भरकर कौटिल्य नगर स्थित परिवार के निजी आवास पर भेजा जा रहा है। राबड़ी देवी वर्ष 2006 से यानी पिछले लगभग दो दशकों से इस आलीशान बंगले में रह रही थीं। यह बंगला राजभवन और मुख्यमंत्री आवास से बेहद नजदीक है, जो उन्हें शुरू में बिहार विधानसभा और बाद में बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में कार्यकाल के दौरान आवंटित किया गया था। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव भी कई वर्षों तक इसी आवास में रहे हैं।
लगभग 20 वर्षों के इस लंबे सफर में 10 सर्कुलर रोड का यह बंगला बिहार की राजनीति और आरजेडी का सबसे बड़ा सियासी केंद्र बना रहा। पार्टी की तमाम बड़ी बैठकें, सांगठनिक फैसले, गठबंधन की रणनीतियां और चुनावी टिकटों का बंटवारा इसी बंगले के भीतर से तय होता था, जिसने इसे राज्य की राजनीति का एक ऐतिहासिक लैंडमार्क बना दिया। अब भवन निर्माण विभाग द्वारा 27 मई को यह बंगला एनडीए सरकार के डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। विभाग की ओर से राबड़ी देवी को कुल चार नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद आज इस आवास को नए आवंटी को सौंप दिया जाएगा।
अब राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते हार्डिंग रोड स्थित बंगला नंबर 39 आवंटित किया गया है, जहां वे जल्द ही शिफ्ट होंगी। लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का इस ऐतिहासिक बंगले से जाना बिहार की राजनीति में एक बेहद प्रतीकात्मक पल माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि 10 सर्कुलर रोड से इस दिग्गज राजनीतिक परिवार की विदाई बिहार के सबसे प्रभावशाली और चर्चित राजनीतिक दौर में से एक के अंत को दर्शाती है।