पटना न्यूज डेस्क: भागलपुर के जाने-माने समाजसेवी और चुनावी इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाने वाले नागरमल बजोरिया का निधन हो गया। 97 साल की उम्र में उन्होंने पटना के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। चुनावी मैदान में लगातार उतरने की वजह से लोग उन्हें सम्मान से ‘धरती पकड़’ के नाम से जानते थे।
284 बार चुनाव लड़ा
नागरमल बजोरिया के नाम देश की चुनावी राजनीति में एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने वार्ड स्तर के स्थानीय चुनाव से लेकर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति तक के चुनाव में कुल 284 बार किस्मत आजमाई। इस दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे बड़े नेताओं के खिलाफ भी चुनाव लड़ा। हालांकि उन्हें किसी भी चुनाव में जीत नहीं मिली, लेकिन लगातार चुनाव लड़ने के जुनून के कारण उन्हें ‘धरती पकड़’ नाम मिला।
नागरमल बजोरिया का पार्थिव शरीर पटना से भागलपुर स्थित उनके घर लाया गया है। उनका आवास एमपी द्विवेदी रोड पर देवी बाबू धर्मशाला के पास है। आज उनके घर से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और बरारी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
लाहौर में हुआ था जन्म
नागरमल बजोरिया का जन्म अविभाजित भारत के लाहौर में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। देश की आजादी और बंटवारे से पहले ही उनका पूरा परिवार भागलपुर आकर बस गया था। इसके बाद भागलपुर ही उनकी कर्मभूमि बन गया। उनके परिवार में चार बेटे-बेटियों समेत कई सदस्य हैं।