पटना न्यूज डेस्क: पटना जिले के रानीतालाब प्रखंड की पत्तुत पंचायत के चार वार्डों में नल-जल योजना के तहत पिछले कई दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का आरोप है कि नल से आने वाला पानी गंदला, मटमैला और दुर्गंधयुक्त है, जिससे पीने और घरेलू उपयोग में भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, दूषित पानी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई परिवार मजबूरी में बाजार से पीने का पानी खरीद रहे हैं, जबकि कुछ लोग हैंडपंप के पानी का सहारा ले रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की शिकायत कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जलापूर्ति की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए, पाइपलाइन और जलाशय की सफाई कराई जाए तथा तकनीकी खामियों को जल्द दूर किया जाए। साथ ही, दूषित पानी की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पानी के लगातार सेवन से डायरिया, टायफाइड, पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने लोगों को पानी उबालकर या फिल्टर करने के बाद ही पीने की सलाह दी है।
फिलहाल, पत्तुत पंचायत के प्रभावित वार्डों के लोग स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होने का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और पंचायत प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कितनी जल्दी कदम उठाते हैं।