पटना न्यूज डेस्क: पटना के दानापुर नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। कई वार्डों में पीसीसी सड़क, नाला और अन्य निर्माण कार्य बिना प्राक्कलन बोर्ड या सूचना पटल लगाए कराए जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को योजनाओं की लागत, अवधि और अन्य जरूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
नियमों के मुताबिक किसी भी सरकारी निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले स्थल पर सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है। इसमें योजना का नाम, स्वीकृत राशि, कार्य की लंबाई, संवेदक का नाम और अन्य तकनीकी विवरण दर्ज होना चाहिए। लेकिन कई स्थानों पर इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खर्च को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाल ही में नगर विकास एवं आवास मंत्री द्वारा 151 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया था, लेकिन कई परियोजनाओं के स्थलों पर अब तक शिलापट्ट नहीं लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ पीसीसी सड़कें एक वर्ष के भीतर ही खराब हो गईं, जबकि कुछ स्थानों पर पुराने बोर्ड लगाकर सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी जांच की मांग की है। पूर्व उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि राजनाथ जायसवाल ने वार्ड पार्षदों और संवेदकों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। वहीं नगर परिषद प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को शिलापट्ट लगाने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।