पटना न्यूज डेस्क: मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर दिखाई दे रहा है। बारिश के बाद बढ़ी उमस और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बड़ी संख्या में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। अस्पतालों में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, गले में संक्रमण, एलर्जी, डायरिया और सांस से जुड़ी समस्याओं के मामले बढ़ रहे हैं।
बारिश के बाद मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है, जिससे बच्चों में डेंगू और दूसरी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में माता-पिता को बच्चों की सेहत पर नजर रखने और बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की जरूरत है। समय पर इलाज मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
बच्चे को बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार उसकी उम्र और वजन के हिसाब से पैरासिटामोल दी जा सकती है। हालांकि, बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दूसरी दवा देने से बचना चाहिए। साथ ही बच्चे को पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ देते रहें।
अगर बच्चे का बुखार लगातार चार दिन तक बना रहता है या उसके साथ सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, बहुत ज्यादा कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।