पटना न्यूज डेस्क: बक्सर जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ और सूखे की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। जिलाधिकारी सहिला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार कार्य करना होगा।
आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है। जिले की सभी 142 पंचायतों में स्वचालित वर्षामापी (ऑटोमेटिक रेन गेज) लगाए गए हैं। वहीं, छह बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में जरूरत पड़ने पर आवागमन बनाए रखने के लिए 87 निजी नाव संचालकों के साथ समझौता किया गया है। राहत कार्यों के लिए 5,684 पॉलीथिन शीट, 54 बाढ़ राहत शिविर और 33 सामुदायिक रसोई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीमें गठित कर अस्पतालों में 73 प्रकार की आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की है। पशुधन की सुरक्षा के लिए 11 पशु राहत शिविर, 11 मोबाइल वेटरनरी यूनिट और 44 प्रकार की पशु चिकित्सा दवाओं का स्टॉक तैयार रखा गया है। इसके अलावा बक्सर-कोइलवर गंगा तटबंध के संवेदनशील हिस्सों पर बाढ़ पूर्व और कटावरोधी कार्य पूरे कर लिए गए हैं तथा अधिकारियों को इन क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए कृषि फीडरों पर प्रतिदिन 14 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही सोन नहर और गंगा पंप नहर प्रणाली के माध्यम से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपदा से पहले सभी तैयारियां समय पर पूरी करने और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया।