पटना न्यूज डेस्क: बिहार में नियोजित इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग 13 जुलाई को पटना में ‘इको-टूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट’ आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम में देशभर के निवेशकों को आमंत्रित किया गया है, ताकि राज्य के प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन से जोड़कर सतत विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
विभाग ने बिहार के 29 जलाशयों और 247 तालाबों, झीलों, वेटलैंड और अन्य जल निकायों में इको-टूरिज्म परियोजनाएं विकसित करने की योजना बनाई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
विभाग के अनुसार, सभी परियोजनाएं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जाएंगी। चयनित निवेशकों को चिन्हित स्थलों का 30 वर्षों के लिए लीज अधिकार दिया जाएगा और तय समयसीमा के भीतर सभी जरूरी मंजूरियां उपलब्ध कराई जाएंगी। परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) की भी सुविधा दी जाएगी।
परियोजनाओं को दो श्रेणियों में बांटा गया है। ग्रुप-ए में जलाशय आधारित परियोजनाएं शामिल हैं, जिनके लिए प्रति साइट न्यूनतम 10 करोड़ रुपये वार्षिक टर्नओवर वाली एजेंसियां पात्र होंगी। वहीं, ग्रुप-बी में तालाब, पोखर, झील और अन्य जल निकायों पर आधारित परियोजनाएं शामिल हैं, जिनके लिए प्रति साइट कम से कम 2 करोड़ रुपये वार्षिक टर्नओवर आवश्यक होगा। विभाग ने भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य में इको-टूरिज्म परियोजना के लिए पहले ही प्रस्ताव आमंत्रित कर दिए हैं और अन्य स्थलों के लिए भी रुचि आमंत्रित की गई है।