पटना न्यूज डेस्क: बिहार में बुधवार को मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 31 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और 5 सितंबर तक बारिश के साथ वज्रपात का दौर जारी रहने का अनुमान है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से कई जिलों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
राजधानी पटना में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सड़क और निचले इलाकों में पानी भर गया है। सोन नदी में इंद्रपुरी बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। दीघा घाट पर गंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। दियारा इलाकों में पानी घुसने से कई जगह स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि कुछ अस्पताल भी जलभराव की चपेट में आ गए हैं। भागलपुर के नवगछिया में गंगा का कटाव भी तेज हो गया है, जहां तटबंध और करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर कटाव की भेंट चढ़ गया।
मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। दियारा और निचले इलाकों में पानी भरने से बरियारपुर में आवागमन प्रभावित हुआ है। जहानाबाद में दरधा नदी उफान पर है, जबकि बक्सर में कर्मनाशा नदी का पानी गांव के रास्ते पर चढ़ गया है। कैमूर में सुगवा नदी का पानी गुप्ता धाम तक पहुंच गया और कई दुकानें बह गईं। सहरसा में तेज हवाओं के कारण नाव पलटने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची के लापता होने की जानकारी है। रोहतास में भी भारी बारिश दर्ज की गई है।
सोन नदी की स्थिति को देखते हुए इंद्रपुरी सोन बराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं और करीब 5 लाख 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। प्रशासन ने नौहट्टा, रोहतास, तिलौथू, डेहरी और नासरीगंज के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया है। गंगा, पुनपुन, सोन, कर्मनाशा, दरधा, दुर्गावती और सुगवा समेत कई नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 5 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, इसके बाद धीरे-धीरे इसमें कमी आने की संभावना है।