पटना न्यूज डेस्क: बिहार में बाढ़ का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 44 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 8 नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से प्रभावित 27,954 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। दानापुर में बाढ़ पीड़ितों को राशन लेने के लिए कंधे तक पानी में उतरना पड़ा, जबकि खगड़िया के एक शिव मंदिर में भी कमर तक पानी भर गया है।
मौसम को लेकर भी फिलहाल राहत की उम्मीद कम है। मौसम विभाग ने दक्षिण-पूर्व बिहार और सीमांचल के 9 जिलों में हल्की बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण बिहार के कुछ हिस्सों में नमी पहुंच सकती है और हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि अभी पूरे राज्य में तेज या लगातार बारिश की संभावना नहीं है। पटना में दिन के समय तेज धूप और उमस परेशान कर सकती है, जबकि शाम को बादल छाने के आसार हैं। अगले कुछ दिनों में तापमान में भी बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है।
इस बीच बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए एक्ट्रेस पाखी हेगड़े भोजपुर पहुंचीं और लोगों के बीच राशन बांटा। बाढ़ के हालात देखकर वह भावुक नजर आईं और लोगों से जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। दूसरी तरफ बेगूसराय में जलजमाव से परेशान लोगों ने अनोखे तरीके से विरोध जताते हुए फीता और केक काटा। पिछले 24 घंटे में राज्य के कई इलाकों में बारिश हुई। औरंगाबाद में सबसे ज्यादा 123 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। जमुई में 76, भागलपुर में 74, रोहतास में 60 और मधेपुरा में 53 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बावजूद 11 सितंबर तक राज्य में सामान्य से 34 फीसदी कम मानसूनी बारिश दर्ज की गई है।
बाढ़ के बीच किसानों के लिए सरकार की ओर से आर्थिक मदद भी दी गई है। सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव के मुताबिक, बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत खरीफ फसल के नुकसान से प्रभावित 1,17,708 किसानों को 1 अरब 4 करोड़ 46 लाख 46 हजार 405 रुपये की सहायता दी गई है। इस योजना के लिए किसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना होता और पूरी राशि राज्य सरकार देती है। उपज में 20 फीसदी तक कमी होने पर 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर और 20 फीसदी से ज्यादा कमी पर 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता का प्रावधान है।