पटना न्यूज डेस्क: पटना में खान सर की कोचिंग पर हुई फायरिंग और उससे जुड़े मामले में अदालत में सुनवाई का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को पटना सिविल कोर्ट में खान सर के दो बॉडीगार्ड्स और ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अनुराग वर्मा की अदालत ने खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका खारिज कर दी। बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि फायरिंग आत्मरक्षा में की गई थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया और कहा कि दोनों ने फायरिंग की है, इसलिए उन्हें राहत नहीं दी जा सकती।
वहीं, रौशन आनंद की जमानत याचिका जिला जज की अदालत से ट्रांसफर होकर एडीजे-33 की अदालत में पहुंची। सुनवाई के दौरान विरोधी पक्ष की ओर से बहस नहीं की गई और समय मांगा गया। अब इस मामले में सोमवार को सुनवाई होगी। हालांकि रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। शुक्रवार को तीसरी बार छात्र सड़कों पर उतरे, लेकिन पटना कॉलेज से कारगिल चौक तक मार्च निकालने की उनकी कोशिश को पुलिस ने रोक दिया। मौके पर भारी पुलिस बल और वाटर कैनन की भी तैनाती की गई थी।
छात्रों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के किसी को जेल भेजना गलत है। उनका आरोप है कि मामले में दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि जिस व्यक्ति पर गोली चलवाने का आरोप है वह बाहर है, जबकि जो मौके पर मौजूद भी नहीं था वह जेल में है। दूसरी ओर, खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई या अगले आदेश तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
फायरिंग मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, खान सर के सुरक्षा गार्डों पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में यह भी आरोप है कि खान सर ने गार्ड्स से कहा था कि वे गोली चलाएं और बाकी वह संभाल लेंगे। वहीं, खान सर का कहना है कि फायरिंग आत्मरक्षा में की गई थी। उन्होंने एक वीडियो में दावा किया कि उनके गार्ड को 20-25 लोगों ने पीटा था और पुलिस मौके पर देर से पहुंची थी। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी कोचिंग बंद हो गई तो अन्य संस्थानों की फीस में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि घटना के दिन फायरिंग हुई थी और उसका मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था।