पटना न्यूज डेस्क: पटना के नागरिकों के लिए 14 मई की शाम बेहद खास और ऐतिहासिक होने वाली है, क्योंकि जिला प्रशासन ने शहर की सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए एक विशाल 'मॉकड्रिल' का आयोजन किया है। इस अभ्यास के तहत गुरुवार, 14 मई 2026 को शाम 7:00 बजे से 7:15 बजे तक पूरे 15 मिनट के लिए पटना के शहरी क्षेत्रों में 'ब्लैकआउट' किया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. एस. एम. त्यागराजन ने सभी शहरवासियों से अपने घरों, दुकानों और कार्यालयों की लाइटें बंद रखने की अपील की है ताकि हवाई हमले जैसी आपातकालीन स्थिति में शहर को 'दुश्मन की नजर' से बचाने का अभ्यास किया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ब्लैकआउट शुरू होते ही ठीक शाम 7 बजे शहर में 2 मिनट तक खतरे का सायरन गूंजेगा। सायरन की आवाज सुनकर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह केवल सुरक्षा तंत्र की सक्रियता जांचने का एक तरीका है। इस दौरान पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और अग्निशमन विभाग की टीमें बिस्कोमान भवन, आईजीआईएमएस (IGIMS) और बांकीपुर बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएंगी। इन गतिविधियों में मलबे से लोगों को निकालना, घायलों का उपचार और आग बुझाने जैसे 6 अलग-अलग काल्पनिक संकटों (सिनैरियो) पर काम किया जाएगा।
जरूरी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। अस्पतालों में काम सुचारू रूप से चलता रहेगा, बस प्रकाश बाहर न फैले इसके लिए खिड़कियों पर गहरे पर्दे लगाए जाएंगे। यह ड्रिल केवल पटना नगर निगम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दानापुर, खगौल और फुलवारीशरीफ जैसे सटे हुए इलाकों में भी प्रभावी होगी। इस बड़े अभ्यास से एक दिन पहले यानी 13 मई को सभी संबंधित अधिकारी 'टेबल-टॉप एक्सरसाइज' के जरिए पूरी योजना की अंतिम समीक्षा करेंगे ताकि जमीनी स्तर पर कोई चूक न हो।
इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्कूलों के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। डीएम ने सामाजिक संस्थाओं और व्यापारियों से भी इस ड्रिल में सहयोग की अपील की है ताकि संकट के समय नागरिक और प्रशासन एक टीम की तरह काम कर सकें। किसी भी संशय या अफवाह की स्थिति में लोग सीधे 112 नंबर या कंट्रोल रूम (0612-2219810) पर संपर्क कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि साल में दो बार ऐसे अभ्यास किए जाएं ताकि किसी भी आकस्मिक विपदा के लिए पटना पूरी तरह तैयार रहे।