पटना न्यूज डेस्क: पटना जंक्शन के पास से अगवा किए गए बंटी यादव की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। आंतरिक जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही पाए जाने पर पटना (सेंट्रल) की पुलिस अधीक्षक ममता कल्याणी ने यह कार्रवाई की।
निलंबित किए गए कर्मियों में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) प्रवीण कुमार पंकज, अवधेश कुमार, वीर बहादुर सिंह और होमगार्ड जवान सुदर्शन प्रसाद शामिल हैं। जांच में सामने आया कि 6 जुलाई की रात ये चारों डायल-112 ड्यूटी पर अपहरण स्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर तैनात थे, लेकिन उन्हें घटना की भनक तक नहीं लगी और न ही उन्होंने कोई कार्रवाई की। एसपी ममता कल्याणी ने कहा कि यह गंभीर लापरवाही का मामला है।
निलंबन अवधि के दौरान चारों को पटना के न्यू रिजर्व पुलिस सेंटर से संबद्ध किया गया है और तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
बंटी यादव का 6 जुलाई को पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के पास से अपहरण किया गया था। 11 जुलाई को उसका शव करीब 60 किलोमीटर दूर बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला इलाके से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले। चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था और शरीर पर कई जगह हमले के निशान पाए गए।
इस बीच, कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में दो और आरोपियों अजीत कुमार और रोशन कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों नेपाल भागने की कोशिश में बैरिया बस स्टैंड के पास पकड़े गए। पूछताछ में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी जसीडीह, देवघर, कोलकाता और पटना में लगातार ठिकाने बदलते रहे।
पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में सात आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें तीन सीधे अपहरण और हत्या में शामिल थे। जांच में व्यापारिक विवाद, पैसों का लेनदेन और पुरानी रंजिश जैसे कई संभावित कारण सामने आए हैं।